Friday, 26 December 2014

Tuesday, 18 November 2014

Aagosh


आज  फिर  दिल बेताब है आगोश मे समां जाने को ,
बस इंतज़ार हे ऐ ख़ुदा तेरे ईशारे का ,
मिट्टी मे मिलना हे या आसमां मे धुँआ हो जाना  है………